मक्कारो की टोली Author Gurmeet Singh Created July 24, 2014November 14, 2016 Updated November 14, 2016July 24, 2014 Comments 0 Reading time Less 1 min Views 68 Categories: अन्य, मुक्तक गोली खाने की तमन्ना सीने पर न दिल से अब जाएगी फिर कहता हूँ नादानों अब मनमानी ये चल न पायेगी मैं मरने को पैदा हुआ हूँ, संघर्ष करूँगा हक़ की खातिर अब मक्कारो की टोली ये मुफ्त का ज्यादा न खाएगी #गुनी …
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